Monday, December 14, 2015

Published 4:13 PM by with 1 comment

एक ख्वाब अधुरा है मेरा…


                               हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है।
              उन्हे कैसे समझाऊ की एक ख्वाब अधुरा है मेरा… वरना जीना तो मुझे भी आता है.
रात भर चलती रहती है उँगलियाँ मोबाइल पर,
किताब सीने पे रखकर सोये हुए एक जमाना हो गया|






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